
जनजातीय छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत पहल, उत्कृष्ट आवासीय स्कूलों के लिए आवेदन आमंत्रित
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (छत्तीसगढ़)।जिले में जनजातीय और अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम उठाया गया है। कलेक्टर (आदिवासी विकास) कार्यालय द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना (पूर्व में जवाहर उत्कर्ष योजना) के अंतर्गत उत्कृष्ट आवासीय शिक्षण संस्थानों के इम्पैनलमेंट हेतु “रुचि की अभिव्यक्ति” (EOI) आमंत्रित की गई है।


इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के प्रतिभावान विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, प्रतिस्पर्धात्मक तैयारी और सर्वांगीण विकास के अवसर प्रदान करना है। इसके तहत कक्षा 6वीं से 12वीं तक के छात्रों को राज्य के चयनित उत्कृष्ट आवासीय विद्यालयों में निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।

विशेष बात यह है कि चयनित संस्थानों को विभाग द्वारा निर्धारित शुल्क की प्रतिपूर्ति भी की जाएगी, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा संस्थानों को इस योजना से जुड़ने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। इससे जिले में शिक्षा का स्तर बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है।
इच्छुक संस्थानों को अपने प्रस्ताव निर्धारित प्रारूप में सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही कार्यालय में जमा करना होगा। प्रस्ताव जमा करने की अंतिम तिथि 23 अप्रैल 2026, शाम 5 बजे निर्धारित की गई है।

विभाग की ओर से योजना के विस्तृत दिशा-निर्देश और मापदंड वेबसाइट पर उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे संस्थाएं पारदर्शी प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकें।
यह पहल न केवल शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने का प्रयास है, बल्कि जनजातीय विद्यार्थियों के भविष्य को नई दिशा देने और उन्हें मुख्यधारा में आगे बढ़ाने की दिशा में एक सशक्त कदम के रूप में देखी जा रही है।















